SIR Documents
1. हुकूमत या PSU के मुलाज़िम/पेंशनर का आईडी कार्ड या पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO)
- मतलब: अगर आप या आपके ख़ानदान में कोई मरकज़ी हुकूमत (Central Govt), रियासती हुकूमत (State Govt – जैसे महाराष्ट्र शासन) या किसी सरकारी कंपनी (PSU) में पक्के मुलाज़िम (regular employee) हैं या वहां से पेंशन ले रहे हैं, तो उनका ID कार्ड या पेंशन का कागज़ (PPO) चलेगा।
- महाराष्ट्र में: जैसे Zilla Parishad (ZP), महानगर पालिका, या ST महामंडल के कर्मचारियों के पहचान पत्र।
2. 1 जुलाई 1987 से पहले का कोई भी सरकारी दस्तावेज़
- मतलब: बैंक, पोस्ट ऑफ़िस, LIC या किसी भी सरकारी महकमे (department) से 01.07.1987 से पहले जारी किया गया कोई भी सर्टिफ़िकेट या आईडी कार्ड।
- अहमियत: यह आपकी रिहाइश (residence) और शनाख़्त का बहुत मज़बूत और पुराना सुबूत माना जाता है।
3. पैदाइश का सर्टिफ़िकेट (Birth Certificate)
- मतलब: आपकी वल्दियत/पैदाइश का सरकारी सुबूत।
- महाराष्ट्र में: यह सर्टिफ़िकेट आपके इलाक़े की ग्राम पंचायत, नगर पालिका या महानगर पालिका (जैसे धुले महानगर पालिका) से जारी किया हुआ होना चाहिए।
4. पासपोर्ट (Passport)
- मतलब: यह सिर्फ़ शनाख़्त ही नहीं बल्कि आपकी मुस्तक़िल रिहाइश (permanent address) और उम्र का भी पुख़्ता सुबूत है।
5. तालीमी सनद (Matriculation/Educational Certificate)
- मतलब: आपकी 10वीं या 12वीं की मार्कशीट या बोर्ड सर्टिफ़िकेट जिस पर आपकी पैदाइश की तारीख़ (Date of Birth) दर्ज़ हो।
- महाराष्ट्र में: Maharashtra State Board of Secondary and Higher Secondary Education (SSC/HSC) या किसी और मंज़ूरशुदा बोर्ड/यूनिवर्सिटी की सनद।
6. मुस्तक़िल रिहाइश का सर्टिफ़िकेट (Permanent Residence Certificate)
- मतलब: यह साबित करने के लिए कि आप उस रियासत के पक्के बाशिंदे हैं।
- महाराष्ट्र में: इसे Domicile Certificate (अधिवास प्रमाणपत्र) कहा जाता है। यह आपको तहसील ऑफ़िस या किसी भी ‘महा ई-सेवा केंद्र’ (Maha e-Seva Kendra) से आसानी से मिल जाता है।
7. जंगल के हुक़ूक़ का सर्टिफ़िकेट (Forest Right Certificate)
- मतलब: यह ख़ास तौर पर उन आदिवासी भाई-बहनों के लिए है जो जंगलों के क़रीब रहते हैं।
- महाराष्ट्र में: इसे ‘वन हक्क प्रमाणपत्र’ (Van Hakka Pramanpatra) कहते हैं, जो महाराष्ट्र के आदिवासी इलाक़ों में ज़मीन पर उनके हक़ को साबित करता है।
8. ज़ात का सर्टिफ़िकेट (OBC/SC/ST Certificate)
- मतलब: रिज़र्वेशन या अपनी कैटेगरी साबित करने के लिए कास्ट सर्टिफ़िकेट।
- महाराष्ट्र में: यह SDO (Sub-Divisional Officer) या तहसीलदार द्वारा जारी किया होना चाहिए (यह भी महा ई-सेवा केंद्र से बनता है)।
9. नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीज़न्स (NRC)
- मतलब: (जहां लागू हो)। फ़िलहाल महाराष्ट्र में यह उस तरह से लागू नहीं है जैसे असम जैसी रियासतों में है, इसलिए यहाँ के अवाम को इसकी फ़िक्र करने की ज़रूरत नहीं है।
10. ख़ानदानी रजिस्टर (Family Register)
- मतलब: पूरे ख़ानदान की तफ़्सील वाला सरकारी रजिस्टर।
- महाराष्ट्र में: यहाँ इसके तौर पर आपका राशन कार्ड (Ration Card) सबसे अहम दस्तावेज़ माना जाता है। इसके अलावा ग्राम पंचायत से मिलने वाला ‘कुटुंब रजिस्टर’ का उतरा (Extract) भी इसमें शामिल है।
11. हुकूमत की तरफ़ से ज़मीन/मकान मिलने का सर्टिफ़िकेट
- मतलब: अगर सरकार ने आपको रहने के लिए कोई जगह या मकान दिया है, तो उसका अलॉटमेंट लेटर।
- महाराष्ट्र में: जैसे MHADA, CIDCO के अलॉटमेंट लेटर, या फिर ‘रमाई आवास योजना’ / ‘शबरी घरकुल योजना’ के तहत मिले मकान के दस्तावेज़।
12. आधार कार्ड (Aadhaar)
- मतलब: इलेक्शन कमीशन (ECI) के 9 सितंबर 2025 के नए सर्कुलर के मुताबिक़, शनाख़्त के लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।
13. वोटर लिस्ट का हिस्सा (Extract of Electoral Roll)
- मतलब: तस्वीर में मिसाल के तौर पर ‘बिहार SIR’ लिखा है, लेकिन महाराष्ट्र के मामले में इसका मतलब है महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट की सर्टिफ़ाइड कॉपी (Extract)।
- इस्तेमाल: अगर आपका या आपके ख़ानदान के किसी फ़र्द का नाम पुरानी लिस्ट (जैसे 1 जुलाई 2025 की लिस्ट) में दर्ज़ है, तो उसकी कॉपी भी आपके रिहायशी सुबूत के तौर पर काम आती है।


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2002